Sunday, 18 August 2024

युवा जागृति मासिक पत्रिका

 ॐ नमः शिवाय

 बोलो जय श्री राम,, 

जय श्री राधे कृष्णा,,

 हरे कृष्णा हरे कृष्णा,, कृष्णा कृष्णा हरे हरे ।।

हरे राम हरे राम,, राम राम हरे हरे ।।

युवा जागृति मासिक पत्रिका 

जोश,, जानकारी,, और जागृति।।

//श्री गणेशाय नमः//

।।युवा जागृति।।


शीर्षक : no pendency!


1घर

2 दफ्तर

3 समाज

4 अध्यात्म 

5 स्वयं ही 


1 घर 


एक गांव में कुछ निर्धन परिवार निवास करते थे उसे गांव में दो दोस्त थे एक का नाम मुरली था और एक का नाम काशी दोनों आपस में बहुत अच्छे दोस्त थे काशी पढ़ने में बहुत होशियार था और मुरली खेती-बाड़ी में बहुत होशियार था दोनों की दोस्ती के चर्चे पूरे गांव में होते रहते थे। मुरली खेती-बाड़ी के साथ-साथ अपने माता-पिता की सेवा करता था और मंदिर में जाकर ईश्वर से प्रार्थना किया करता था जबकि काशी पढ़ाई करने के लिए बड़े शहर में गया हुआ था और उसने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली थी पढ़ाई पूरी करने के बाद शहर में ही एक नौकरी ले ली थी और वही रहने लगा था इस कारण से लंबे समय से गांव नहीं आया और ना ही अपने मित्र मुरली से मिला मुरली ने काशी को कई सारे पत्र लिखें किंतु काशी ने एक भी पत्र का उत्तर देना उचित नहीं समझा। Kashi kuchh aise vyaktiyon ke sampark mein a gaya tha jo ki Dharm ke log Anya panthon ki vichardhara ko samaj mein la rahe the। काशी व्यवहार से उसके जाने वाले नाराज रहने लगे क्योंकि काशी पड़ा रखा था इसलिए था उसे पर कोई प्रभाव न पड़ता था एक दिन का सही अपने नए मित्रों के साथ गांव आया और उसे धर्म पर विशेष की चर्चा ग्रामीणों से करने लगा जब यह समाचार गांव के लोगों पर पहुंचा की काशी शहर से अपने कुछ दोस्तों को लेकर आया है और उसके दोस्त व्यक्ति को पूर्ण परमात्मा से मिलने की शक्ति रखते हैं एवं ईश्वर की आशीर्वाद से कल्याण का मार्ग दिखाते हैं उनकी बातों पर भरोसा करके नाव के दो एक परिवारों ने उनका कहना मान लिया और उसे पांच विशेष से जुड़ने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया जब यह समाचार मुरली के पास पहुंचा तो मुरली बहुत दुखी हुआ और उसने अपने मित्र काशी की आंखें खोलने का प्रयत्न किया। मुरली अधिक पढ़ा लिखा तो नहीं था किंतु उसे सामाजिक ज्ञान की समझ अच्छे से थी। अतः उसे सनातन धर्म पर पूरा भरोसा था और अपनी संस्कृति के साथ किसी प्रकार की छेड़खान से स्वीकार नहीं था